संसद के विशेष सत्र में आज परिसीमन और महिला आरक्षण को लेकर जोरदार बहस देखने को मिली। केंद्र सरकार ने लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026, परिसीमन विधेयक, 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक पेश किया। इन विधेयकों पर चर्चा की शुरुआत केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने की, जिन्होंने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए सरकार का पक्ष रखा।
सरकार का मुख्य प्रस्ताव लोकसभा की सीटों को 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 करने का है, जिसमें 815 सीटें राज्यों और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए निर्धारित होंगी। इस कदम का उद्देश्य 2029 के आम चुनाव से पहले महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पहल को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है। वहीं विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण का समर्थन करते हुए परिसीमन प्रक्रिया का विरोध किया है। उनका आरोप है कि यह कदम राजनीतिक रूप से प्रेरित है और इससे कुछ राज्यों के प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता है।
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लोकसभा में एनडीए के पास 292 सीटें हैं, जबकि विपक्ष के पास 233 सीटें हैं। ऐसे में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता के कारण यह मामला संख्या बल पर भी निर्भर करता है। तीनों विधेयकों पर मतदान शुक्रवार को शाम 4 बजे होने की संभावना है।
इस मुद्दे पर संसद के बाहर भी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। खासकर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के नेतृत्व में विरोध तेज हुआ है, जबकि संसद के भीतर INDIA गठबंधन लगातार विरोध जता रहा है।
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