प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ‘मन की बात’ में देशवासियों से जनगणना 2027 में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की। उन्होंने इसे देश के लिए एक महत्वपूर्ण अभियान बताया और भरोसा दिलाया कि नागरिकों द्वारा दी गई जानकारी पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रखी जाएगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस जनगणना के दौरान गणनाकर्मी मोबाइल एप के माध्यम से घर-घर जाकर डेटा एकत्र करेंगे। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे उन्हें सही और सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि लोग चाहें तो अपनी जानकारी स्वयं भी दर्ज कर सकते हैं। यह सुविधा गणनाकर्मियों के आने से लगभग 15 दिन पहले उपलब्ध होगी।
पीएम मोदी ने यह भी बताया कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद लोगों को एक विशेष पहचान संख्या (ID) ईमेल या मोबाइल पर प्राप्त होगी, जिसे वे अपने डेटा सत्यापन के लिए कर्मियों को दिखा सकेंगे।
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उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय जनगणना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि जनता की भागीदारी के बिना यह अभियान सफल नहीं हो सकता। साथ ही उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि उनकी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रखी जाएगी।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भगवान बुद्ध के आदर्शों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर चल रही अनिश्चितता और तनाव के बीच बुद्ध के संदेश आज भी अत्यंत प्रासंगिक हैं। उन्होंने बताया कि दक्षिण अमेरिका के चिली में एक संगठन भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को बढ़ावा दे रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि भगवान बुद्ध ने सिखाया कि शांति की शुरुआत हमारे भीतर से होती है और स्वयं पर विजय सबसे बड़ी विजय है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब दुनिया संघर्ष और अस्थिरता से गुजर रही है, तब बुद्ध के विचार और भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
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