प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना जापान दौरा पूरा कर लिया है और अब वे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन रवाना हो गए हैं। अपने जापान दौरे के दौरान भारत और जापान के बीच 13 महत्वपूर्ण समझौते और घोषणाएँ हुईं, जिनमें रक्षा, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, शिक्षा और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
दोनों देशों ने कई प्रमुख पहलों की शुरुआत की घोषणा भी की। इनमें हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं, डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान, और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए नए कदम शामिल हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत-जापान साझेदारी एशिया और विश्व की स्थिरता और समृद्धि के लिए अहम है।
जापान के प्रधानमंत्री के साथ हुई वार्ता में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने, क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और आपसी निवेश को प्रोत्साहन देने पर भी चर्चा की। इस यात्रा को भारत-जापान संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला माना जा रहा है।
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अब प्रधानमंत्री मोदी चीन में होने वाले SCO शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे, जहां वे सदस्य देशों के नेताओं के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी रणनीति, व्यापार और संपर्क बढ़ाने के मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। यह दौरा भारत की कूटनीतिक सक्रियता और एशिया में रणनीतिक संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
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