प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और साइप्रस के बीच द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने तथा क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की।
बैठक में व्यापार, निवेश, परिवहन, कनेक्टिविटी और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने जैसे मुद्दों पर विशेष जोर दिया गया। दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर और दस्तावेजों के आदान-प्रदान की भी संभावना जताई गई है।
साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस चार दिवसीय भारत दौरे पर आए हैं। उनके साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद है, जिसमें साइप्रस के विदेश मंत्री कॉन्स्टैनटिनोस कोम्बोस, परिवहन मंत्री एलेक्सिस वाफियाडेस, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और कारोबारी प्रतिनिधि शामिल हैं।
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राष्ट्रपति बनने के बाद यह निकोस क्रिस्टोडौलिडेस की पहली भारत यात्रा है। अपने दौरे के दौरान वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी राष्ट्रपति भवन में मुलाकात करेंगे।
भारत और साइप्रस के बीच लंबे समय से मजबूत कूटनीतिक संबंध रहे हैं। दोनों देश अगले वर्ष फरवरी में अपने राजनयिक संबंधों के 65 वर्ष पूरे करने जा रहे हैं। ऐसे में इस यात्रा को दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत और साइप्रस के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग बढ़ने से दोनों देशों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी फायदा मिल सकता है। बैठक में वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना जताई गई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने साइप्रस के साथ साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई, जबकि राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस ने भारत के साथ सहयोग बढ़ाने में गहरी रुचि दिखाई।
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