प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और जापान के बीच राज्यों और प्रीफेक्चरों के स्तर पर सहयोग को और मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने यह बात 16 भारतीय राज्यों के राज्यपालों और जापानी प्रीफेक्चरों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में कही।
बैठक में तकनीक, नवाचार, निवेश, कौशल विकास, स्टार्टअप और लघु एवं मध्यम उद्यम (SME) जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने के उपायों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और जापान के बीच बढ़ते संबंधों को जमीनी स्तर तक ले जाना आवश्यक है ताकि दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएं और समाज आपस में अधिक लाभ उठा सकें।
उन्होंने कहा कि राज्यों और प्रीफेक्चरों के बीच प्रत्यक्ष साझेदारी से निवेश और प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान की नई संभावनाएं खुलेंगी। यह सहयोग न केवल उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में बल्कि शिक्षा, अनुसंधान और कौशल विकास में भी नए अवसर पैदा करेगा।
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जापानी प्रतिनिधियों ने भी इस बात पर सहमति जताई कि भारत के विभिन्न राज्यों के साथ सीधा जुड़ाव जापानी कंपनियों के लिए स्थानीय जरूरतों को बेहतर समझने और निवेश के अनुकूल माहौल बनाने में मदद करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यों को प्रोत्साहित किया कि वे जापानी प्रीफेक्चरों के साथ ठोस योजनाएं बनाएं और संयुक्त परियोजनाओं पर तेजी से काम करें। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भारत-जापान संबंधों को गहरी रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी में बदलने की दिशा में बड़ा कदम है।
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