सेना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को भारतीय सेना की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय सैनिक निस्वार्थ सेवा के प्रतीक हैं और वे सबसे कठिन परिस्थितियों में भी अटूट संकल्प के साथ देश की रक्षा करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरा राष्ट्र उनके साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा को सलाम करता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा संदेश में कहा, “हमारे सैनिक निस्वार्थ सेवा के प्रतीक हैं। वे अत्यंत चुनौतीपूर्ण हालात में भी दृढ़ संकल्प के साथ देश की सुरक्षा करते हैं। उनका कर्तव्यबोध पूरे देश में विश्वास और कृतज्ञता की भावना पैदा करता है।” उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय नागरिक सेना के अदम्य साहस और अटूट प्रतिबद्धता के लिए सदैव ऋणी रहेंगे।
प्रधानमंत्री ने उन वीर जवानों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने देश की सेवा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र ऐसे सभी शहीदों को गहरे सम्मान और कृतज्ञता के साथ याद करता है, जिनकी वजह से देश सुरक्षित है।
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हर वर्ष 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है। यह दिन भारतीय सेना के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इसी दिन 1949 में फील्ड मार्शल के. एम. करिअप्पा ने स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ के रूप में पदभार संभाला था। उन्होंने ब्रिटिश अधिकारी जनरल सर एफ.आर.आर. बुचर का स्थान लिया था। यह घटना भारतीय सेना के पूर्ण भारतीयकरण और आत्मनिर्भर नेतृत्व की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जाती है।
सेना दिवस के मौके पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों और परेड का आयोजन किया जाता है, जिनमें भारतीय सेना की वीरता, अनुशासन और पेशेवर क्षमता का प्रदर्शन होता है। इस अवसर पर देश अपने सैनिकों के त्याग, बलिदान और निस्वार्थ सेवा के प्रति आभार व्यक्त करता है।
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