प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान दोनों नेताओं ने यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया के संघर्ष और समुद्री सुरक्षा समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। पीएम मोदी ने कहा कि संघर्षों को सुलझाने के रास्ते में संवाद और कूटनीति का बेहद महत्वपूर्ण स्थान है और भारत शांति प्रयासों में हरसंभव सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।
तीन दिवसीय भारत यात्रा पर पहुंचे पुतिन ने शाम को भारत मंडपम में पीएम मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, कौशल विकास और लोगों के बीच संपर्क समेत द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर चर्चा की।
बैठक की शुरुआत दोनों नेताओं के गर्मजोशी से गले मिलने के साथ हुई। इस साल यह मोदी और पुतिन की दूसरी मुलाकात थी। इससे पहले दोनों नेता 31 अगस्त को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में 26वें शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन से इतर मिले थे।
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पश्चिम एशिया और यूक्रेन संघर्ष पर चर्चा
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने बहुपक्षीय मंचों पर भारत-रूस सहयोग और विशेष रूप से 2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान दोनों देशों के बीच समन्वय पर चर्चा की।
मोदी और पुतिन ने पश्चिम एशिया तथा काला सागर क्षेत्र में जारी संघर्षों पर भी विचार-विमर्श किया। इन संघर्षों का समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर असर पड़ा है। प्रधानमंत्री ने दोहराया कि ऐसे विवादों को सुलझाने के लिए संवाद और कूटनीति ही आगे बढ़ने का रास्ता है। भारत शांति स्थापित करने के प्रयासों में सहयोग के लिए तैयार है।
पुतिन ने मोदी को रूस आने का दिया न्योता
पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को रूस में होने वाले 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण दिया। मोदी ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। सम्मेलन की तारीख दोनों देशों की आपसी सुविधा के अनुसार राजनयिक माध्यमों से तय की जाएगी।
इससे पहले पीएम मोदी ने पुतिन को तमिल कवि और दार्शनिक तिरुवल्लुवर की प्रसिद्ध कृति ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी भाषा में अनुवादित संस्करण भेंट किया। इस ग्रंथ में कृषि और किसानों सहित जीवन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत विचार दिए गए हैं।
द्विपक्षीय वार्ता के बाद मोदी और पुतिन एक साथ रूसी राष्ट्रपति की कार में सवार होकर रवाना हुए। दोनों नेताओं के बीच एक साथ कार यात्रा का यह तीसरा अवसर रहा।
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