प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय से टेलीफोन पर बातचीत की और मध्य पूर्व में बिगड़ती स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली ख़ामेनेई की मृत्यु के बाद क्षेत्र में अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच तनाव तेज हो गया है, जिसके चलते हालात गंभीर बने हुए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने जॉर्डन के राजा से क्षेत्र की ताज़ा परिस्थितियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत मध्य पूर्व में शांति, सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन करता है। साथ ही उन्होंने इस कठिन समय में जॉर्डन में रह रहे भारतीय समुदाय की देखभाल के लिए राजा अब्दुल्ला द्वितीय का आभार व्यक्त किया।
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री मोदी लगातार खाड़ी देशों के नेताओं के संपर्क में हैं। इससे पहले उन्होंने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद और बहरीन के राजा हमद बिन ईसा अल खलीफा से भी बातचीत की थी। उन्होंने सभी पक्षों से संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान निकालने का आग्रह किया।
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प्रधानमंत्री ने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान से भी चर्चा की थी। इसके अलावा उन्होंने इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात की और खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों की निंदा की। नेतन्याहू ने बाद में भारत के समर्थन के लिए प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद किया।
इसी बीच प्रधानमंत्री ने कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और सीडीएस जनरल अनिल चौहान सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में मध्य पूर्व में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
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