प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हालिया बातचीत में दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को नए आयाम देने पर जोर दिया। बैठक के दौरान यह सहमति बनी कि भारत और चीन के बीच प्रत्यक्ष उड़ानों की संख्या बढ़ाई जाएगी, जिससे यात्रियों और व्यापारियों की आवाजाही आसान होगी। इसके साथ ही, द्विपक्षीय व्यापार को और मज़बूत करने के उपायों पर चर्चा हुई।
सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं ने सीमा मुद्दे पर भी बात की और मतभेदों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की प्रतिबद्धता दोहराई। बातचीत में यह भी तय हुआ कि आर्थिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के अवसर तलाशे जाएंगे।
इन चर्चाओं के 10 प्रमुख बिंदुओं में शामिल हैं:
- प्रत्यक्ष उड़ानों की बहाली और विस्तार।
- द्विपक्षीय व्यापार को नए स्तर तक ले जाने की योजना।
- सीमा विवाद को बातचीत से सुलझाने पर जोर।
- लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान।
- तकनीक और नवाचार के क्षेत्रों में साझेदारी।
- पर्यटन को प्रोत्साहन देने के प्रयास।
- क्षेत्रीय स्थिरता और शांति बनाए रखने पर सहमति।
- बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने की चर्चा।
- जलवायु परिवर्तन और वैश्विक चुनौतियों पर संयुक्त पहल।
- भारत-चीन संबंधों को व्यावहारिक और संतुलित बनाने की रणनीति।
कूटनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह वार्ता दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को कम करने की दिशा में सकारात्मक संकेत देती है और आर्थिक साझेदारी को मजबूत कर सकती है।
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