राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी पर लगाए गए आरोपों की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बाद आरोप लगाना कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस की पुरानी आदत बन चुकी है।
प्रेम चंद बैरवा ने बयान देते हुए कहा कि जब भी विपक्षी दल चुनाव में हारते हैं, तो वे अपनी हार स्वीकार करने के बजाय चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने लगते हैं। उन्होंने ममता बनर्जी के हालिया बयानों को इसी प्रवृत्ति का हिस्सा बताया।
ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी की हार के बाद चुनाव आयोग (ईसीआई) और भाजपा पर कई आरोप लगाए थे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बैरवा ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है और उसे स्वीकार करना हर राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है।
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उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र और निष्पक्ष संस्था है, जिस पर इस तरह के आरोप लगाना उचित नहीं है। बैरवा ने ममता बनर्जी से अपील की कि वे जनता के फैसले का सम्मान करें और राजनीतिक मर्यादा बनाए रखें।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान देश की राजनीति में बढ़ते आरोप-प्रत्यारोप की प्रवृत्ति को दर्शाते हैं।
इस विवाद ने एक बार फिर चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी पर चर्चा को तेज कर दिया है।
फिलहाल, इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी जारी है और आने वाले दिनों में यह विवाद और बढ़ सकता है।
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