पंजाब में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में गुरुवार, 15 अक्टूबर को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया गया। अमृतसर, मानसा, बरनाला और फिरोजपुर समेत कई शहरों में बाजार और दुकानें बंद रहीं। कुछ इलाकों में स्कूलों ने ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कीं, जबकि अन्य जगहों पर शैक्षणिक गतिविधियां रद्द कर दी गईं।
पुलिस प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी है। बठिंडा रेंज के डीआईजी हरजीत सिंह ने कहा कि आपातकालीन सेवाओं को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। पुलिस प्रदर्शनकारियों के संपर्क में है और सामान्य जनजीवन बनाए रखने का प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि मामले के मुख्य आरोपी के साथ एक अन्य व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है। दोनों को जल्द अदालत में पेश किया जाएगा।
किसान संगठनों ने न्याय की मांग की
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि मानसा में झोटा की हत्या बेहद चिंताजनक है। उन्होंने घटना की पूरी जांच की मांग करते हुए सवाल उठाया कि झोटा को किसने फोन किया था और इसके पीछे सरकारी अधिकारियों, पुलिस प्रशासन या कथित नशा तस्करी से जुड़े लोगों की भूमिका थी या नहीं।
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पंधेर ने कहा कि झोटा के माता-पिता को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि हत्या के मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए गठित समिति ने पंजाब बंद का आह्वान किया है। किसान मजदूर मोर्चा से जुड़े संगठनों ने लोगों से बंद को सफल बनाने की अपील की।
राजस्थान से गिरफ्तार हुआ मुख्य आरोपी
रिपोर्ट के मुताबिक, झोटा की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी को 13 अक्टूबर को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया गया। झोटा लंबे समय से मानसा में नशे के खिलाफ अभियान चला रहे थे और सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण के जरिए कथित तौर पर नशीले पदार्थों की खुलेआम बिक्री का मुद्दा उठाते थे।
बताया गया कि मंगलवार सुबह एक मेडिकल स्टोर पर उन्होंने कथित तौर पर ‘चिट्टा’ बेचने को लेकर दुकानदार से सवाल किए और सीसीटीवी फुटेज मांगी। इसी दौरान विवाद बढ़ गया। रिपोर्टों में दुकानदार अश्वनी कुमार पर पिस्तौल निकालकर गोली चलाने का आरोप है। झोटा को कई गोलियां लगीं और मानसा सिविल अस्पताल में उनकी मौत हो गई। उनके चार साथियों के भी घायल होने की खबर है।
झोटा ने मौत से पहले कथित नशा कारोबार की सीबीआई जांच की मांग भी की थी। मामले की परिस्थितियों और आरोपों की जांच जारी है।
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