पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग और पूरी चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मुद्दे को लेकर भाजपा नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ आप सरकार ने चुनाव से पहले वार्डों के परिसीमन में अपने राजनीतिक हितों के अनुरूप बदलाव किए। इसके बाद विपक्षी उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने से रोकने के लिए उन्हें डराने-धमकाने, नामांकन पत्र छीनने और चुनावी प्रक्रिया में बाधा डालने जैसे कदम उठाए गए।
केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि हाल ही में हुए नगर निगम, नगर परिषद और बाद में हुए महापौर तथा नगर परिषद अध्यक्ष के चुनावों में लोकतांत्रिक परंपराओं का खुलकर उल्लंघन किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने प्रशासनिक तंत्र का इस्तेमाल निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के बजाय राजनीतिक लाभ लेने के लिए किया।
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भाजपा ने राज्यपाल से मांग की कि वे इस पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप करें और राज्य में संवैधानिक मूल्यों तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा सुनिश्चित करें। पार्टी का कहना है कि यदि चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी नहीं बनाया गया, तो जनता का लोकतंत्र पर भरोसा कमजोर होगा।
भाजपा ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के उम्मीदवारों के साथ भेदभाव किया गया और उन्हें स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से चुनाव लड़ने का अवसर नहीं दिया गया। पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है।
हालांकि, इस मामले में आम आदमी पार्टी की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक हलकों में इस विवाद को लेकर चर्चा तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक तूल पकड़ सकता है।
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