पंजाब कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर जारी अंदरूनी खींचतान के बीच शनिवार को पार्टी की गतिविधियां तेज हो गईं। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने चंडीगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के करीबी नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक को पंजाब कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं के संदर्भ में अहम माना जा रहा है।
यह बैठक पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक राणा गुरजीत सिंह के सेक्टर-4 स्थित आवास पर आयोजित हुई। बैठक में स्वयं चरणजीत सिंह चन्नी भी मौजूद रहे। भूपेश बघेल दोपहर करीब 12:15 बजे राणा गुरजीत सिंह के आवास पहुंचे, जहां कई वरिष्ठ नेताओं के साथ बंद कमरे में चर्चा हुई।
बैठक से पहले पंजाब के पूर्व मंत्री गुरप्रीत कांगड़ ने कहा कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह जानना है कि क्या अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व को चन्नी खेमे के नेता स्वीकार करते हैं या नहीं। उन्होंने बताया कि पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं और इसी कारण नेताओं के विचार जानने के लिए यह बैठक बुलाई गई।
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हालांकि, इससे पहले भूपेश बघेल स्पष्ट कर चुके हैं कि फिलहाल पंजाब कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व में किसी प्रकार के बदलाव का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने संकेत दिया था कि पार्टी नेतृत्व मौजूदा संगठनात्मक व्यवस्था को बरकरार रखने के पक्ष में है।
पंजाब कांग्रेस में पिछले कुछ समय से संगठनात्मक नेतृत्व और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर अलग-अलग गुट सक्रिय हैं। ऐसे में चन्नी खेमे के नेताओं के साथ हुई यह बैठक राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। माना जा रहा है कि पार्टी हाईकमान सभी पक्षों की राय जानने के बाद ही भविष्य में कोई फैसला लेगा।
फिलहाल, बैठक के बाद किसी आधिकारिक निर्णय की घोषणा नहीं की गई है। लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुलाकात पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी समीकरणों और संगठनात्मक एकजुटता को लेकर महत्वपूर्ण संकेत दे सकती है।
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