पंजाब के गुरदासपुर जिले में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पंजाब पुलिस ने अपना अभियान और तेज कर दिया है। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीमों ने रविवार को जिले के विभिन्न गांवों में सघन निरीक्षण और जागरूकता अभियान चलाया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि खेतों में पराली जलाने से होने वाले गंभीर प्रदूषण और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को लेकर किसानों को लगातार समझाया जा रहा है। टीमों ने गांव-गांव जाकर किसानों के साथ बैठकें कीं और उन्हें पराली जलाने के बजाय वैकल्पिक उपाय अपनाने की सलाह दी।
अधिकारियों ने कहा कि पराली जलाने से न केवल मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है, बल्कि वायु प्रदूषण भी बढ़ता है, जिसका असर स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। खासकर सर्दियों के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है, जिससे आसपास के जिलों और बड़े शहरों तक धुंध और स्मॉग फैल जाता है।
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पुलिस ने किसानों को बताया कि सरकार द्वारा कई मशीनें और तकनीकें जैसे हैप्पी सीडर और मल्चर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनका उपयोग करके पराली को खेत में ही नष्ट किया जा सकता है या खाद के रूप में बदला जा सकता है।
इसके अलावा, टीमों ने चेतावनी दी कि पराली जलाने की घटनाओं पर निगरानी रखी जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाएगा।
जिला प्रशासन ने भी कहा है कि इस अभियान का उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि किसानों को जागरूक कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सहयोग सुनिश्चित करना है। पुलिस ने भरोसा जताया कि लगातार संवाद और जागरूकता से इस समस्या में काफी कमी आएगी।
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