पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार को पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के पूर्व विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) संदीप सिंह संधू के खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार मामले की कार्यवाही पर रोक लगा दी। यह मामला कथित स्ट्रीट लाइट घोटाले से जुड़ा है।
संदीप सिंह संधू पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के ओएसडी के रूप में काम कर चुके हैं। उनके खिलाफ दर्ज मामले में स्ट्रीट लाइट परियोजना से संबंधित कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की जा रही थी। हाईकोर्ट के बुधवार के आदेश के बाद फिलहाल इस मामले में आगे की कार्रवाई पर रोक रहेगी।
स्ट्रीट लाइट से जुड़े इस मामले ने पंजाब की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में भी ध्यान आकर्षित किया था। मामले में आरोपों और जांच से संबंधित कानूनी प्रक्रिया के बीच संधू ने हाईकोर्ट का रुख किया था। अदालत ने मामले पर सुनवाई करते हुए कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश दिया।
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अदालत की ओर से इस स्तर पर मामले के आरोपों की अंतिम सत्यता पर कोई निष्कर्ष नहीं दिया गया है। रोक का मतलब यह नहीं है कि आरोप साबित या खारिज हो गए हैं। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत के आगामी आदेशों पर निर्भर करेगी।
संदीप सिंह संधू पंजाब की राजनीति में कांग्रेस से जुड़े रहे हैं और कैप्टन अमरिंदर सिंह के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान उनके कार्यालय में ओएसडी की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। स्ट्रीट लाइट मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई के बाद यह मामला न्यायिक जांच के दायरे में आया।
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट चंडीगढ़ में स्थित है और पंजाब तथा हरियाणा से जुड़े मामलों की सुनवाई करता है। अदालत के बुधवार के आदेश के बाद संधू को राहत मिली है, हालांकि मामले की कानूनी स्थिति पर अंतिम फैसला अभी बाकी है।
मामले में आगे की सुनवाई के दौरान अदालत आरोपों, जांच और संबंधित दस्तावेजों पर विचार कर सकती है। फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश के कारण संधू के खिलाफ भ्रष्टाचार मामले की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ेगी।
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