पंजाब सरकार ने संगठित अपराध के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए मंगलवार को पूरे राज्य में गैंगस्टरों के खिलाफ एक व्यापक अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य केवल अपराधियों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि गैंगस्टरों के पूरे नेटवर्क और इकोसिस्टम को खत्म करना है, जिसमें हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला, लॉजिस्टिक्स, सुरक्षित ठिकाने, फंडिंग और संचार नेटवर्क शामिल हैं।
चंडीगढ़ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पंजाब पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बताया कि ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत राज्यभर में एक साथ छापेमारी की जा रही है, जिसमें करीब 12,000 पुलिसकर्मी हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि गैंगस्टरों को किसी भी तरह की मदद करने वालों के खिलाफ भी जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
डीजीपी यादव ने बताया कि राज्य सरकार के ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ (नशों के खिलाफ युद्ध) अभियान के तहत अब तक 31,527 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 45,251 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि नशे के साथ-साथ गैंगस्टर समस्या से निपटना भी सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है।
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उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में लगातार कार्रवाई के चलते केवल 2025 में ही 925 गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया गया। डीजीपी ने कहा कि पंजाब पुलिस देश या विदेश के किसी भी कोने में छिपे अपराधियों को पकड़कर कानून के कटघरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
गौरव यादव ने यह भी ऐलान किया कि विदेश में छिपे अपराधियों की तलाश और प्रत्यर्पण के लिए एक विशेष ‘ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्स्ट्राडिशन सेल’ बनाई जा रही है, जिसकी अगुवाई काउंटर-इंटेलिजेंस के आईजी आशीष चौधरी करेंगे।
इसके अलावा, आम जनता से सहयोग लेने के लिए एक एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 भी शुरू किया गया है, जो 24 घंटे सक्रिय रहेगा। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
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