पंजाब में महिलाओं के सम्मान को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता सुखपाल खैरा के एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब सुखपाल खैरा ने फेसबुक पर एक पोस्ट साझा किया। यह पोस्ट एक वायरल वीडियो से जुड़ा था, जिसमें कुछ महिलाएं पंजाब सरकार की हाल ही में घोषित 1000 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता योजना का जश्न मनाते हुए गिद्धा नृत्य करती नजर आ रही थीं।
इस वीडियो पर टिप्पणी करते हुए खैरा ने लिखा, “जो महिलाएं केवल 1000 रुपये के लिए गिद्धा नाचने को मजबूर हों, उनसे बहादुर बेटे पैदा होने की उम्मीद कैसे की जा सकती है?” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया।
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आम आदमी पार्टी के नेताओं ने खैरा के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने पंजाब की महिलाओं की गरिमा का अपमान किया है। बताया जा रहा है कि यह मुद्दा पंजाब विधानसभा में भी उठाया गया।
विवाद बढ़ने के बाद सुखपाल खैरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल एक यूट्यूबर की टिप्पणी साझा की थी और उनका उद्देश्य सरकार की योजना की आलोचना करना था। खैरा ने यह भी आरोप लगाया कि महिलाओं का गिद्धा नृत्य स्वतःस्फूर्त नहीं था, बल्कि आम आदमी पार्टी द्वारा आयोजित एक “स्क्रिप्टेड कार्यक्रम” था।
खैरा ने पंजाब की बहादुरी की प्रतीक माई भागो का उदाहरण देते हुए कहा कि पंजाब की महिलाएं साहस और सम्मान की प्रतीक हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार पर आरोप लगाया कि 1000 रुपये की योजना चुनाव से पहले का राजनीतिक स्टंट है।
कांग्रेस नेता ने यह भी मांग की कि सरकार महिलाओं को पिछले चार वर्षों का बकाया भुगतान करे, जो उनके अनुसार 48,000 रुपये प्रति महिला बनता है।
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