पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिका से तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) लेकर आने वाला कार्गो जहाज ‘पिक्सिस पायनियर’ मैंगलुरु बंदरगाह पहुंच गया है। यह खेप ऐसे समय में आई है जब ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के हमलों के बाद शुरू हुए संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं।
इस संघर्ष के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य, जो भारत के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, प्रभावित हुआ है। इसी रास्ते से भारत अपनी लगभग 60 प्रतिशत ऊर्जा आयात करता है। ऐसे में एलपीजी की कमी की आशंका जताई जा रही थी।
The Indian Witness के अनुसार, सिंगापुर ध्वज वाला टैंकर ‘पिक्सिस पायनियर’ रविवार सुबह करीब 6 बजे बर्थ नंबर 13 पर पहुंचा। यह जहाज टेक्सास के नीदरलैंड बंदरगाह से 14 फरवरी को रवाना हुआ था। जहाज कुल 47,236 टन एलपीजी लेकर आया है, जिसमें से 16,714 टन गैस एजिस लॉजिस्टिक्स लिमिटेड के लिए उतारी जाएगी।
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पश्चिम एशिया में तीन सप्ताह से जारी युद्ध के कारण भारत में ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई थी। इसके चलते शुरुआत में होटलों जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए एलपीजी आपूर्ति में कटौती की गई थी, ताकि घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दी जा सके।
इससे पहले 18 मार्च को ‘जग लाडकी’ नामक कच्चा तेल टैंकर मुंद्रा बंदरगाह पहुंचा था। इसके अलावा ‘नंदा देवी’ और ‘शिवालिक’ जैसे एलपीजी जहाजों ने भी हाल ही में भारत को गैस की आपूर्ति की है।
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है। देश लगभग 88 प्रतिशत कच्चा तेल, 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस और 60 प्रतिशत एलपीजी विदेशों से मंगाता है।
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