राज्यसभा के सांसद राघव चड्ढा को याचिका समिति (कमेटी ऑन पेटिशन्स) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति समिति के पुनर्गठन के बाद की गई है।
समिति के पुनर्गठन के तहत कई अन्य सदस्यों को भी शामिल किया गया है। इनमें हरश महाजन, गुलाम अली, शंभू शरण पटेल, मयंककुमार नायक, मस्तान राव यादव बीधा, जेबी मथेर हिशाम, सुभाषिश खुंटिया, रंगवरा नारजारी और संदोष कुमार पी के नाम शामिल हैं।
याचिका समिति संसद की एक महत्वपूर्ण स्थायी समिति होती है, जो नागरिकों द्वारा भेजी गई याचिकाओं पर विचार करती है और संबंधित मुद्दों की जांच करती है। यह समिति जनता और संसद के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करती है।
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राघव चड्ढा की नियुक्ति को संसद में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी माना जा रहा है, क्योंकि इस समिति का कार्य जनता की शिकायतों और सुझावों को संसदीय प्रक्रिया तक पहुंचाना होता है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस नियुक्ति से राघव चड्ढा की संसदीय भूमिका और अधिक मजबूत होगी। समिति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नागरिकों की समस्याओं पर उचित ध्यान दिया जाए और आवश्यक मामलों को संबंधित मंत्रालयों तक पहुंचाया जाए।
समिति के पुनर्गठन के बाद इसके कार्यों में अधिक पारदर्शिता और प्रभावशीलता लाने की उम्मीद जताई जा रही है। संसद के भीतर यह समिति लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
राघव चड्ढा की नियुक्ति को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे उन्हें संसदीय समितियों के कामकाज में अधिक नेतृत्वकारी भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा।
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