कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारत सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि देश को इस समय मजबूत और स्थिर नेतृत्व की जरूरत है, लेकिन वर्तमान में देश के पास “समझौता करने वाले प्रधानमंत्री” हैं जिन्होंने भारत की रणनीतिक स्वायत्तता से समझौता कर लिया है।
यह बयान उस घटना के एक दिन बाद आया है, जब ईरानी युद्धपोत को अमेरिकी पनडुब्बी ने श्रीलंका के तट के पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में टॉरपीडो से निशाना बनाकर डुबो दिया। बताया जा रहा है कि यह जहाज इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026 में हिस्सा लेने के बाद भारत से लौट रहा था।
इस मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा भारत के रणनीतिक और राष्ट्रीय हितों को नजरअंदाज करना अब सभी के सामने स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
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खड़गे ने कहा कि एक ईरानी जहाज, जो भारत का मेहमान था, इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में भाग लेने के बाद बिना हथियारों के वापस लौट रहा था। इसी दौरान हिंद महासागर क्षेत्र में उसे टॉरपीडो से निशाना बनाया गया।
उन्होंने कहा कि इस गंभीर घटना के बावजूद भारत सरकार की ओर से न तो चिंता व्यक्त की गई और न ही किसी प्रकार का आधिकारिक बयान आया। खड़गे के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी इस मामले में कई सवाल खड़े करती है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने रणनीतिक हितों और कूटनीतिक भूमिका को स्पष्ट रूप से सामने रखना चाहिए। उनका आरोप है कि मौजूदा सरकार की चुप्पी से भारत की विदेश नीति और रणनीतिक स्वायत्तता पर असर पड़ सकता है।
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