लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को हटाए जाने की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि सरकार जनता की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।
राहुल गांधी ने कहा कि सोनम वांगचुक को उस समय हटाया गया, जब वह शांतिपूर्ण तरीके से अनशन कर रहे थे। उन्होंने इसे गलत बताते हुए कहा कि “असत्य” और “हिंसा” मोदी सरकार के मूल सिद्धांत बन गए हैं।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में राहुल गांधी ने लिखा कि पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्या जैसे मुद्दे भारत के भविष्य से जुड़े गंभीर विषय हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की ताकत देश के छात्रों और उनके हितों के लिए आवाज उठाने वालों को रोक नहीं सकती।
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राहुल गांधी ने सोनम वांगचुक के आंदोलन को देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े व्यापक मुद्दों से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और सरकार को इन मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाया गया
सोनम वांगचुक 28 जून से अनशन पर थे। वह नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और इससे जुड़े छात्र मुद्दों को लेकर चल रहे प्रदर्शन का समर्थन कर रहे थे।
दिल्ली पुलिस ने विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए शनिवार सुबह उन्हें जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, लंबे समय तक उपवास के कारण उनकी सेहत कमजोर हुई थी और उन्हें निगरानी की जरूरत थी।
प्रदर्शन आयोजकों ने कहा है कि संसद तक प्रस्तावित मार्च 20 जुलाई को तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा।
राहुल गांधी के बयान के बाद इस मामले पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने भी सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार की ओर से अभी इस बयान पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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