कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दिए जाने पर सवाल उठाते हुए सरकार के फैसले की कड़ी आलोचना की।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने देश के शिक्षा मंत्रालय जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी ऐसे व्यक्ति को सौंप दी है, जिसे उन्होंने "दुष्कर्मियों का बचाव करने वाला" बताया। उन्होंने कहा कि यह फैसला न केवल देश के छात्रों और युवाओं के लिए निराशाजनक है, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और न्याय के प्रति सरकार की सोच पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय देश के भविष्य को दिशा देने वाला मंत्रालय है और इसके नेतृत्व में ऐसे व्यक्ति की नियुक्ति होनी चाहिए जिसकी छवि निष्पक्ष, संवेदनशील और नैतिक मूल्यों के अनुरूप हो। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लगातार ऐसे फैसले ले रही है, जिनसे उसकी प्राथमिकताओं पर सवाल उठते हैं।
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राहुल गांधी ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों में सरकार की कथनी और करनी में बड़ा अंतर दिखाई देता है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा नेताओं के कई बयानों और फैसलों से यह संदेश जाता है कि सरकार गंभीर अपराधों के मामलों में भी स्पष्ट और कठोर रुख अपनाने से बचती रही है।
वहीं, भाजपा की ओर से राहुल गांधी के आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शिक्षा मंत्रालय में नेतृत्व परिवर्तन के बाद सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दिए जाने को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद और सार्वजनिक मंचों पर भी तीखी चर्चा देखने को मिल सकती है।
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