लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन इंडिया के कई नेताओं ने सोमवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। विपक्ष ने कथित ‘वोट चोरी’ और मतदाताओं के नाम बड़े पैमाने पर हटाए जाने की आशंका जताते हुए इस प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
राहुल गांधी की याचिका
कांग्रेस की कानूनी टीम ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं और मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोपों को लेकर शीर्ष अदालत में याचिका दायर की है। इस याचिका में कई विपक्षी नेताओं के नाम भी शामिल हैं।
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याचिकाकर्ताओं में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी प्रसाद यादव, शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत, माकपा के एमए बेबी, भाकपा के डी. राजा, झामुमो की महुआ माजी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सुप्रिया सुले और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के ईटी मोहम्मद बशीर शामिल हैं।
मंगलवार को होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्री को सोमवार को ही याचिका की प्रक्रिया पूरी करने और आवश्यक कमियों को दूर कराने का निर्देश दिया, ताकि मामले को मंगलवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जा सके। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ मामले की सुनवाई करेगी।
विपक्ष का मार्च रोका गया
‘लोकतंत्र के लिए मार्च’ के तहत राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं तथा सैकड़ों समर्थकों ने पहले कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में जुटने के बाद सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च शुरू किया। प्रियंका गांधी वाड्रा, शशि थरूर, सचिन पायलट, मुकुल वासनिक, संजय राउत, तेजस्वी यादव और सुप्रिया सुले समेत कई नेता इसमें शामिल हुए।
प्रदर्शनकारी बाराखंभा रोड जंक्शन की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने भगवान दास रोड पर बैरिकेड लगाकर मार्च रोक दिया। इस दौरान राहुल गांधी और अखिलेश यादव समेत कुछ नेता एक वाहन पर चढ़ गए।
राहुल गांधी ने केंद्र पर साधा निशाना
इससे पहले राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचा रही है। उन्होंने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर लगाए गए प्रतिबंधों पर भी सवाल उठाए और दावा किया कि पुलिस को युवा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने और सरकारी पक्ष का सहयोगी गवाह बनने की अपील की। यह मार्च दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने और विरोध-प्रदर्शनों के लिए तीन नए स्थान तय करने के बाद निकाला गया।
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