कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को भारत की शिक्षा व्यवस्था के पुनर्निर्माण की दिशा में पहला कदम बताया है। उन्होंने कहा कि छात्रों और जेन-जी के आंदोलन ने सरकार को यह फैसला लेने के लिए मजबूर किया और अब देश की शिक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव का अवसर मिला है।
राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि नीट (यूजी) परीक्षा में अनियमितताओं और लगातार हो रहे पेपर लीक के मुद्दे को लेकर छात्रों ने जो आवाज उठाई, उसने सरकार को जवाबदेह बनाया है। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को किसानों, मजदूरों और आम लोगों के लिए भी एक संदेश बताया, जिनके अधिकारों पर मौजूदा सरकार हमला कर रही है।
उत्तर प्रदेश के रायबरेली से लोकसभा सांसद राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार लगातार देश के संविधान और संस्थानों को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि यह समय शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने और वर्तमान व्यवस्था में बदलाव लाने का अवसर है।
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राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को प्रदर्शन कर रहे छात्रों की दो प्रमुख मांगें अभी पूरी करनी होंगी। उन्होंने मांग की कि जिन लोगों ने छात्रों पर कार्रवाई की, उन्हें पीटा या गोली चलाई, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उन छात्रों से माफी मांगनी चाहिए, जिनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार हुआ।
प्रदर्शनकारी छात्रों का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दीपके की कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) ने सरकार के सामने तीन मांगें रखी थीं। इनमें धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, आंदोलनकारियों पर कार्रवाई नहीं करना और आत्महत्या करने वाले नीट अभ्यर्थियों के परिवारों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देना शामिल था।
शुक्रवार को सीजेपी प्रतिनिधियों के साथ बैठक में सरकार ने दो मांगों पर सहमति जताई थी, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बाद में जानकारी देने की बात कही थी। हालांकि बढ़ते दबाव के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इस्तीफे का स्वागत करते हुए कहा कि यह छात्रों और युवाओं की जीत है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे "सच्चाई की जीत" और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित जिद की हार बताया। उन्होंने कहा कि यह उन लाखों युवाओं की जीत है, जिन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए देशभर में आवाज उठाई।
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