लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को सीजेपी के प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
राहुल गांधी ने कहा कि देश का युवा शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठा रहा है क्योंकि पूरी व्यवस्था खोखली हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने छात्रों का भविष्य संकट में डाल दिया है। राहुल ने कहा, "कल जो हुआ उसके लिए प्रधानमंत्री ने अब तक माफी तक नहीं मांगी। छात्रों को पीटना किसी भी लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं हो सकता।"
उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के सामने रोजगार और अवसरों के रास्ते बंद हो चुके हैं। प्रतियोगी परीक्षाएं ही उनके भविष्य की उम्मीद थीं, लेकिन अब उनमें भी लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था पर कुछ चुनिंदा लोगों और संस्थाओं का प्रभाव बढ़ गया है, जिससे आम छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है।
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राहुल गांधी ने कहा कि छात्र केवल परीक्षा प्रणाली की शिकायत नहीं कर रहे, बल्कि अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने दावा किया कि लाखों परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए कर्ज लेते हैं, कोचिंग पर भारी खर्च करते हैं और बेहतर भविष्य का सपना देखते हैं, लेकिन परीक्षा घोटालों और अव्यवस्था से उनकी उम्मीदें टूट रही हैं।
इससे पहले राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और के. सी. वेणुगोपाल ने राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल पहुंचकर प्रदर्शन के दौरान घायल लोगों से मुलाकात की। वहीं प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि छात्रों की समस्याएं वास्तविक हैं और सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए। सोनिया गांधी ने भी कांग्रेस के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर अपना पक्ष स्पष्ट कर चुकी है।
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