लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 2,000 रुपये से अधिक के कुछ व्यापारी यूपीआई लेनदेन पर लागू 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने इस नई व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अमेरिका के सामने झुकने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को यूपीआई पर लगाए गए शुल्क को तुरंत वापस लेना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि नई नीति से भारतीयों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा और अमेरिका को बड़ी रकम मिलने का रास्ता बनेगा।
हालांकि, केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि एमडीआर सीधे ग्राहकों से नहीं लिया जाएगा, बल्कि संबंधित व्यापारियों पर लागू होगा। नई व्यवस्था के तहत 75,000 रुपये या उससे अधिक के लेनदेन पर शुल्क की अधिकतम सीमा 300 रुपये निर्धारित की गई है। वहीं, व्यक्ति से व्यक्ति होने वाले यूपीआई भुगतान पर यह शुल्क लागू नहीं होगा।
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राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी ने एक बार कहा था कि वह न बाएं जाती हैं और न दाएं, बल्कि सीधी खड़ी रहती हैं। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने ‘‘झुकने’’ का आरोप लगाया।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि यूपीआई पर शुल्क लगाकर सरकार आम भारतीयों पर कर जैसा बोझ डाल रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अमेरिका के सामने ‘‘झुकना बंद करने’’ और नई यूपीआई शुल्क व्यवस्था वापस लेने की मांग की।
इस मुद्दे को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस तेज हो गई है। सरकार का कहना है कि एमडीआर का सीधा भार ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा, जबकि आलोचकों का तर्क है कि व्यापारी अतिरिक्त लागत को भविष्य में वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों के माध्यम से ग्राहकों तक पहुंचा सकते हैं।
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