लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार, 7 अक्टूबर को कहा कि इंडिया गठबंधन नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन करेगा। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ होगा। विपक्ष विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग की प्रक्रिया का विरोध कर रहा है और ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग कर रहा है।
सागर रत्ना में विपक्षी सांसदों के साथ दोपहर का भोजन करने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि करीब 300 सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात करना चाहते थे, लेकिन उन्हें चुनाव आयोग के परिसर में प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद विपक्ष ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में चुना।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष देश को बताएगा कि उसके अनुसार ज्ञानेश कुमार वैध मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार पर लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा।
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मंगलवार के प्रदर्शन के बाद दर्ज एफआईआर को लेकर पूछे जाने पर राहुल गांधी ने कहा कि उनके खिलाफ पहले से 45 एफआईआर हैं और वह 100 एफआईआर चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उनके लिए हर एफआईआर एक पदक की तरह है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी कहा कि विपक्ष लोगों के अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाता रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव आयोग से गलतियां करवा रही है। खरगे ने कहा कि विपक्ष ने लोगों की आवाज को संयुक्त रूप से उठाने का फैसला किया है।
इसके बाद विपक्षी सांसद बसों से जंतर-मंतर के लिए रवाना हुए। कांग्रेस ने संकेत दिया है कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर उसका विरोध जारी रहेगा। विभिन्न विपक्षी दलों की ओर से राज्यों में भी समानांतर प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
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