लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के छात्रों को उनकी माफी की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उन्हें प्रधानमंत्री की जवाबदेही और स्पष्ट जवाब चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा कि बीते कुछ वर्षों में विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक और परीक्षा संबंधी संकट सामने आए हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन घटनाओं के कारण अनेक परिवार मानसिक तनाव और निराशा से गुजर रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए पर्याप्त संवेदनशीलता नहीं दिखा रही है।
उन्होंने कहा कि छात्र वर्षों तक कठिन मेहनत करते हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अपना समय, संसाधन और ऊर्जा लगाते हैं। यदि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता नहीं रहेगी तो युवाओं का व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होगा। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित और विश्वसनीय बनाना होनी चाहिए।
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नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं पर केवल बयान देना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने मांग की कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, परीक्षा एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाए और ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
हाल के महीनों में नीट (यूजी) सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर देशभर में छात्रों ने प्रदर्शन किए थे। इन घटनाओं के बाद केंद्र सरकार ने शिक्षा सुधारों के लिए कई कदम उठाने की घोषणा की, उच्चस्तरीय समिति का गठन किया और पेपर लीक रोकने के उद्देश्य से कड़े कानून भी लागू किए हैं। हालांकि विपक्ष का कहना है कि केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं, बल्कि उसे प्रभावी ढंग से लागू करना भी उतना ही आवश्यक है।
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