रक्षामंत्री राजनाथ सिंह आगामी दिनों में जर्मनी का दौरा करेंगे। यह उनका सात सालों में पहला जर्मनी दौरा होगा। इस दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को और मजबूत करना और सामरिक सहयोग बढ़ाना है। रक्षा मंत्रालय (MoD) के मुताबिक, इस दौरे के दौरान चर्चा का मुख्य विषय रक्षा उद्योग सहयोग को बढ़ावा देना, सैन्य-से-सैन्य संपर्कों को मजबूत करना और नए उभरते हुए क्षेत्रों जैसे साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ड्रोन तकनीक में सहयोग के अवसर तलाशना होगा।
इस दौरे में रक्षामंत्री जर्मनी के रक्षा मंत्री के साथ द्विपक्षीय चर्चा करेंगे और विभिन्न रक्षा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार करेंगे। दोनों देशों के बीच पहले से ही कई रक्षा परियोजनाएं चल रही हैं, जिनमें सैन्य अभ्यास और उच्च तकनीकी रक्षा उपकरणों का आदान-प्रदान शामिल है। इस दौरे का उद्देश्य इन परियोजनाओं को और विस्तार देना है, ताकि दोनों देशों के रक्षा संबंध और भी मजबूत हो सकें।
साथ ही, जर्मनी के साथ साइबर सुरक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे उभरते क्षेत्रों में भी सहयोग को बढ़ाने के लिए कदम उठाए जाएंगे। यह दौरा भारत और जर्मनी के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का अवसर प्रदान करेगा।
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