उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर राम मंदिर और धार्मिक बयानों को लेकर गरमा गई है। पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के एक विवादित बयान के बाद सियासी और धार्मिक दोनों स्तरों पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
दरअसल, राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए पूर्व मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था कि “करोड़ों रुपये लुटेरे लूट ले गए, राम के मंदिर से लूट ले गए, राम के दरबार से लूट ले गए, चांदी और सोना भी उड़ा ले गए।” उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब भगवान राम अपने मंदिर की रक्षा नहीं कर पाए तो वह आम लोगों की रक्षा कैसे करेंगे।
इस बयान के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया। उनके बयान पर अयोध्या के संत विष्णु दास महाराज ने कड़ी आपत्ति जताई और यहां तक कहा कि जो भी स्वामी प्रसाद मौर्य की जीभ काटेगा, उसे 5 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। संत ने उन्हें सनातन संस्कृति का विरोधी बताया।
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यह पहली बार नहीं है जब स्वामी प्रसाद मौर्य विवादों में आए हैं। वर्ष 2023 में उन्होंने रामचरितमानस पर टिप्पणी कर कई चौपाइयों को लेकर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे। इससे पहले भी उन्होंने हिंदू धर्म और हिंदू राष्ट्र को लेकर कई विवादित बयान दिए हैं।
विवाद बढ़ने के बाद राजनीतिक हलकों में बयानबाजी तेज हो गई है और सोशल मीडिया पर भी तीखी बहस चल रही है।
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