बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह के इस्तीफे के बाद जदयू के वरिष्ठ नेता रामबचन राय को परिषद का नया सभापति चुना गया है। इससे पहले अवधेश नारायण सिंह भाजपा कोटे से इस पद पर थे। उनके इस्तीफे के बाद सभापति का पद अब जदयू के खाते में चला गया है।
इस्तीफा देने से पहले अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि उन्होंने अपना त्यागपत्र सौंप दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी थी, उसे उन्होंने पूरी तरह निभाया। रामबचन राय को नई जिम्मेदारी मिलने पर उन्होंने खुशी जताई। वहीं, नए सभापति रामबचन राय ने कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी मिलती है, वे उसे निभाते हैं और कभी किसी पद की मांग नहीं करते। उन्होंने नई जिम्मेदारी के लिए आभार व्यक्त किया।
अवधेश नारायण सिंह ने जून 2024 में बिहार विधान परिषद के सभापति का पद संभाला था। उन्होंने जदयू नेता देवेश चंद्र ठाकुर की जगह ली थी। देवेश चंद्र ठाकुर के सीतामढ़ी से लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद सभापति का पद खाली हुआ था।
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अवधेश नारायण सिंह इससे पहले भी कई बार परिषद के सभापति रह चुके हैं। गया स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से कई बार विधान परिषद सदस्य रहे सिंह पहली बार 2012 में सभापति बने थे और 2017 तक इस पद पर रहे। वर्ष 2020 में उन्होंने दोबारा सभापति का पद संभाला। हालांकि, दो साल बाद देवेश चंद्र ठाकुर के सभापति बनने पर उन्हें पद छोड़ना पड़ा।
अवधेश नारायण सिंह के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ अच्छे राजनीतिक संबंध रहे हैं। एनडीए से जुड़े सूत्रों के अनुसार, भाजपा और जदयू के बीच सदनों के नेतृत्व को लेकर एक समझ है, जिसके तहत दोनों दलों के नेताओं को एक-एक सदन की जिम्मेदारी दी जाती है।
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