दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि रामलीला भारतीय सभ्यता और संस्कृति के मूल्यों को दर्शाती है। उन्होंने सत्य, धर्म, कर्तव्य और नैतिक आचरण को जीवन में अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि रामायण की शिक्षाएं आज भी समाज के लिए प्रासंगिक हैं।
विजेंद्र गुप्ता ने पश्चिम विहार में श्री रामलीला समिति की ओर से आयोजित रामलीला का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और नई पीढ़ी को देश की परंपराओं से जोड़ने के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन या मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह लोगों को जीवन के महत्वपूर्ण आदर्शों से परिचित कराती है। भगवान राम के जीवन और रामायण की कथाओं के माध्यम से सत्य के मार्ग पर चलने, अपने कर्तव्यों का पालन करने और नैतिक मूल्यों को बनाए रखने की प्रेरणा मिलती है।
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दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को रामायण और उसकी शिक्षाओं से परिचित कराएं। उनके अनुसार, बच्चों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और महाकाव्यों के बारे में बताना सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण तरीका है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परिवारों और समाज की भूमिका सांस्कृतिक मूल्यों को जीवित रखने में अहम है। रामायण में वर्णित आदर्शों को समझकर बच्चे जीवन में नैतिकता, जिम्मेदारी और सदाचार का महत्व सीख सकते हैं।
पश्चिम विहार में आयोजित इस रामलीला के उद्घाटन के दौरान भारतीय सभ्यता की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का संदेश दिया गया। विजेंद्र गुप्ता के अनुसार, ऐसे आयोजन समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने और आने वाली पीढ़ियों में नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद करते हैं।
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