तमिलनाडु में जारी शुष्क मौसम से जल्द राहत मिलने की संभावना है, क्योंकि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना एक मौसम तंत्र अब गहरे दबाव (डीप डिप्रेशन) में बदल गया है। मौसम विभाग के अनुसार, यह प्रणाली शुक्रवार (9 जनवरी 2026) से राज्य के तटीय इलाकों सहित कुछ हिस्सों में अगले तीन दिनों तक छिटपुट से मध्यम बारिश ला सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जनवरी महीने में बंगाल की खाड़ी में इस तरह के तीव्र मौसम तंत्र बेहद दुर्लभ होते हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 1891 से अब तक जनवरी में केवल 20 बार ही इस प्रकार के शक्तिशाली मौसम तंत्र देखे गए हैं। यही कारण है कि मौजूदा प्रणाली को असामान्य माना जा रहा है।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) के अनुसार, यह गहरा दबाव फिलहाल दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पूर्वी भूमध्यरेखीय महासागर क्षेत्र में स्थित है। इसकी स्थिति कराईकल से लगभग 810 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व और चेन्नई से करीब 980 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में दर्ज की गई है।
और पढ़ें: पंजाब-हरियाणा में घना कोहरा, होशियारपुर में सबसे ज्यादा ठंड, तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस
मौसम विभाग का अनुमान है कि यह प्रणाली शुक्रवार की शाम या रात तक श्रीलंका के तट को पार कर सकती है। इसके श्रीलंका के हम्बनटोटा और कलमुनई के बीच तट से टकराने की संभावना जताई गई है। इसके प्रभाव से तमिलनाडु के तटीय जिलों में बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर बारिश हो सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस प्रणाली के कारण समुद्र में हवा की गति तेज हो सकती है, जिससे मछुआरों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वहीं, किसानों और आम लोगों के लिए यह बारिश राहत लेकर आ सकती है, क्योंकि लंबे समय से सूखे जैसे हालात बने हुए थे।
राज्य आपदा प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत पड़ने पर एहतियाती कदम उठाए जाएंगे।
और पढ़ें: तेज तूफानी हवाओं से ढही स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी की प्रतिमा, न्यूयॉर्क वाली नहीं