महिला आरक्षण विधेयक को लेकर सियासत तेज हो गई है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष कभी भी महिलाओं को संसद और विधानसभा में देखना नहीं चाहता है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल लगातार महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को रोकने की कोशिश करते रहे हैं।
रेखा गुप्ता ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम था, लेकिन विपक्ष ने राजनीतिक कारणों से इसका विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का असली उद्देश्य महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया से दूर रखना है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा और देश की महिलाएं अपने हक के लिए पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में महिलाओं को संसद और राज्य विधानसभाओं में उचित प्रतिनिधित्व जरूर मिलेगा।
और पढ़ें: दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए एक्शन प्लान 2026 लॉन्च, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का बड़ा कदम
रेखा गुप्ता ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जब भी महिलाओं को आगे बढ़ाने की बात आती है, विपक्ष बाधा बनकर खड़ा हो जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में हर संभव प्रयास जारी रहेगा।
महिला आरक्षण विधेयक के मुद्दे पर देशभर में राजनीतिक बहस जारी है। जहां एक ओर सत्तारूढ़ दल इसे महिलाओं के अधिकारों के लिए जरूरी कदम बता रहा है, वहीं विपक्ष इसके स्वरूप और लागू करने के तरीके पर सवाल उठा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले चुनावों में अहम भूमिका निभा सकता है और महिला आरक्षण को लेकर बहस और तेज हो सकती है।
और पढ़ें: बजट सत्र से पहले दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छात्रों के लिए बनाई खीर