महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई स्थित लोक भवन में सोमवार (26 जनवरी, 2026) को 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महाराष्ट्र के राज्यपाल के सचिव डॉ. प्रशांत नर्नावरे ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया और सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।
ध्वजारोहण समारोह के दौरान लोक भवन के सभी अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। उनके साथ राज्य आरक्षित पुलिस बल (State Reserve Police Force – SRPF) की एक प्लाटून भी मौजूद थी, जिसमें पुलिस अधिकारी और जवान शामिल थे। कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोगों ने एक साथ राष्ट्रीय गान का सामूहिक गायन किया और तिरंगे को सलामी दी।
समारोह का वातावरण देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत रहा। राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद संविधान निर्माताओं और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद किया गया। इस अवसर पर गणतंत्र दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए वक्ताओं ने कहा कि यह दिन भारत के संविधान के लागू होने और लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थापना का प्रतीक है।
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डॉ. प्रशांत नर्नावरे ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि गणतंत्र दिवस हमें संविधान में निहित मूल्यों— न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व— को आत्मसात करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपने कर्तव्यों का निष्ठा और ईमानदारी से पालन करते हुए राज्य और देश की प्रगति में योगदान देने का आह्वान किया।
लोक भवन परिसर को इस अवसर पर आकर्षक ढंग से सजाया गया था। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और अनुशासित माहौल में संपन्न हुआ। अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। पूरे समारोह में राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
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