राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार का महाराष्ट्र सरकार की हाल ही में घोषित कृषि ऋण माफी योजना में “कठोर शर्तों” को हटाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन शनिवार (13 जून 2026) को दूसरे दिन भी जारी रहा।
रोहित पवार ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों को स्वीकार नहीं करती, तब तक वे अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे। उनका यह आंदोलन किसानों को राहत देने वाली ऋण माफी योजना की शर्तों में बदलाव की मांग पर केंद्रित है।
सरकार की इस योजना के तहत जिन किसानों के अल्पकालिक फसल ऋण (मूलधन और ब्याज सहित) का कुल बकाया ₹2 लाख तक है, उन्हें पूरी तरह से कर्ज माफी का लाभ दिया जाएगा। हालांकि, रोहित पवार का कहना है कि इस योजना में कई शर्तें ऐसी हैं जो किसानों के लिए लाभ प्राप्त करना कठिन बना रही हैं।
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उन्होंने आरोप लगाया कि इन शर्तों के कारण वास्तविक जरूरतमंद किसान इस योजना के लाभ से वंचित रह सकते हैं। इसी कारण वे सरकार से इन शर्तों को हटाने या सरल बनाने की मांग कर रहे हैं।
अनशन स्थल पर समर्थकों और स्थानीय किसानों की भीड़ देखी जा रही है, जो सरकार से जल्द समाधान की मांग कर रही है। रोहित पवार ने दोहराया कि यह आंदोलन किसानों के हित में है और वे तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती।
सरकार की ओर से अभी तक इस अनशन पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है।
यह आंदोलन महाराष्ट्र की राजनीति में किसानों के मुद्दों को लेकर एक नया दबाव पैदा करता दिख रहा है।
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