कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने मंगलवार को दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अब तक अपने पद से इस्तीफा क्यों नहीं दे रहे हैं।
सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि छात्रों और युवाओं की आवाज को दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों ने अपनी समस्याओं और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया, उनके साथ सरकार को संवाद करना चाहिए था, न कि उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि कथित नीट परीक्षा विवाद और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों ने देश के लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। उन्होंने केंद्र सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की और कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाना जरूरी है।
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पायलट ने केंद्र सरकार से पूछा कि जब छात्रों के भविष्य पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, तो शिक्षा मंत्री अपनी जिम्मेदारी स्वीकार क्यों नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
गौरतलब है कि सीजेपी की ओर से संसद की ओर निकाले गए ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने उन पर बल प्रयोग किया, जबकि पुलिस का कहना है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने हिंसा की और सुरक्षा कर्मियों पर हमला किया।
इस घटना के बाद कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य नेताओं ने भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में आवाज उठाई है और सरकार से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।
सचिन पायलट ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाब देना होगा और लोकतांत्रिक तरीके से छात्रों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
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