आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोड़े के माता-पिता ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को महीनों तक जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। उन्होंने प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला और संस्थान के निदेशक शिरीष केदारे की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही है।
साहिल के पिता रविंद्र वाकोड़े ने दोनों पर उनके बेटे को परेशान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एफआईआर में मामले से जुड़ी जानकारी दर्ज है और परिवार न्याय चाहता है।
साहिल की मां सोनाली वाकोड़े ने बताया कि परिवार को पता था कि उनका बेटा मुश्किल दौर से गुजर रहा है। साहिल ने परिवार से कथित तौर पर कहा था कि उसके साथ जाति को लेकर टिप्पणियां की जा रही हैं। परिवार ने उसे स्थिति से समझौता करने और पढ़ाई जारी रखने की सलाह दी थी, क्योंकि उन्हें लगता था कि आईआईटी बॉम्बे में पढ़ाई उसके भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होगी।
और पढ़ें: साहिल वाकोडे की मौत के बाद आईआईटी बॉम्बे के छात्रों ने की मजबूत संस्थागत सुधारों की मांग
सोनाली ने कहा कि परिवार ने कभी नहीं सोचा था कि मामला इतना गंभीर हो जाएगा। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि उनके बेटे ने भेदभाव की जानकारी परिवार को दी थी।
22 वर्षीय साहिल ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक के दूसरे वर्ष का छात्र था। 18 सितंबर को परीक्षा से जुड़ी एक घटना के कुछ घंटे बाद वह छात्रावास के कमरे में मृत पाया गया।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, साहिल पर मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करने का आरोप लगा था। आईआईटी बॉम्बे ने प्रारंभिक तौर पर कहा था कि उसने प्रश्नपत्र को चैटजीपीटी पर अपलोड कर उत्तर हासिल करने का प्रयास किया था।
मुंबई क्राइम ब्रांच परीक्षा हॉल, परिसर और छात्रावास के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि साहिल की मौत से पहले घटनाक्रम क्या था। माता-पिता द्वारा लगाए गए जातिगत उत्पीड़न के आरोप फिलहाल जांच का हिस्सा हैं और अदालत ने इन्हें साबित नहीं किया है।
और पढ़ें: आईआईटी बॉम्बे के प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला डीन पद से निलंबित, साहिल वाकोडे मामले में एफआईआर दर्ज