आंध्र प्रदेश के कृष्णलंका क्षेत्र में 25 वर्षीय गडे साई कृष्णा की कथित हिरासत में मौत के मामले की जांच तेज कर दी गई है। शनिवार को पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) की संयुक्त टीम ने कृष्णलंका पुलिस स्टेशन और एक स्थानीय कब्रिस्तान का दौरा कर महत्वपूर्ण जांच प्रक्रियाएं पूरी कीं।
जांच एजेंसियों ने पुलिस अधिकारियों और कब्रिस्तान के कर्मचारियों से पूछताछ की, साथ ही घटनास्थल से जुड़े रिकॉर्ड और दस्तावेजों की गहन जांच की। इसके अलावा, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी खंगाला जा रहा है ताकि घटनाक्रम की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।
परिजनों का आरोप है कि 9 मई को कृष्णलंका पुलिस ने साई कृष्णा को हिरासत में लिया था, जिसके बाद से वह लापता है। परिवार का यह भी दावा है कि पुलिस हिरासत में उनकी पिटाई कर हत्या की गई और बाद में साक्ष्य छिपाने के लिए उनके शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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इस मामले के सामने आने के बाद पीड़ित की मां गडे विजया लक्ष्मी ने उच्च न्यायालय का रुख किया और अपने बेटे को पेश करने के लिए पुलिस को निर्देश देने की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 18 जून को इसकी समीक्षा की और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कृष्णलंका सर्किल इंस्पेक्टर नगराजू को निलंबित करने और उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज करने का आदेश दिया।
फिलहाल जांच एजेंसियां सभी संभावित पहलुओं पर काम कर रही हैं और यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो।
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