कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने आपत्तिजनक नारे लगाने वाले युवाओं को माफ करने की बात कही थी। खुर्शीद ने कहा कि किसी को माफ करने से पहले यह स्पष्ट होना जरूरी है कि शिकायत किस बात की है और किससे है।
सलमान खुर्शीद ने कहा, “सबसे पहले यह तय होना चाहिए कि उनकी शिकायत आखिर किससे है? आप उसी व्यक्ति को माफ करते हैं, जिससे आपको कोई शिकायत होती है। इसलिए यह समझना जरूरी है कि उन बच्चों से शिकायत क्या थी, जिन्हें माफ करने की बात कही जा रही है।”
उन्होंने कहा कि केवल यह कहना कि “हमने उन्हें माफ कर दिया” उचित नहीं होगा, क्योंकि इस पूरे मामले के पीछे की परिस्थितियों को भी समझना जरूरी है। खुर्शीद ने युवाओं के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने की बात कही और कहा कि किसी भी कार्रवाई से पहले तथ्यों को देखना चाहिए।
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गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक वीडियो संदेश जारी कर कहा था कि उनके और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ इस्तेमाल किए गए अपमानजनक शब्दों से उन्हें दुख पहुंचा, लेकिन युवाओं को अपनी गलतियों से सीखने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा था कि समाज को उन्हें सुधारने का मौका देना चाहिए, न कि केवल सजा की मांग करनी चाहिए।
यह मामला दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है, जहां कुछ युवाओं द्वारा प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक नारे लगाए जाने का आरोप लगा था। इस मामले में पुलिस ने प्राथमिकी भी दर्ज की थी।
प्रधानमंत्री के बयान के बाद राजनीतिक दलों के बीच बहस तेज हो गई है। जहां कुछ नेताओं ने उनके रुख की सराहना की, वहीं विपक्षी नेताओं ने घटना और कार्रवाई को लेकर अलग-अलग सवाल उठाए हैं। सलमान खुर्शीद की टिप्पणी भी इसी राजनीतिक बहस का हिस्सा मानी जा रही है।
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