भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने बुधवार को कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान न तो कोई गोली चलाई गई और न ही किसी अधिकारी को ऐसा कोई आदेश दिया गया था।
राहुल गांधी ने संसद में आरोप लगाया था कि दिल्ली में पेपर लीक विरोधी प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर बल प्रयोग किया गया और इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जिम्मेदार हैं। उन्होंने दावा किया था कि प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन और अन्य तरीकों से कार्रवाई की गई।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी बिना किसी प्रमाण के गंभीर आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर विपक्ष द्वारा गलत जानकारी फैलाई जा रही है।
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भाजपा नेता ने स्पष्ट किया कि सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत कदम उठाए थे। उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र पर गोली चलाने का सवाल ही नहीं उठता और गृह मंत्रालय की ओर से ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया गया था।
संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर राजनीतिक लाभ के लिए संवेदनशील मुद्दे को उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद जैसे मंच पर किसी भी आरोप को तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर रखना चाहिए।
गौरतलब है कि एंटी पेपर लीक विधेयक, 2026 पर लोकसभा में चर्चा के दौरान राहुल गांधी और सत्तापक्ष के बीच तीखी बहस हुई थी। भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी से अपने आरोपों के लिए माफी मांगने की मांग की, जबकि कांग्रेस ने कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है।
पेपर लीक मामले और छात्रों के प्रदर्शन को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव लगातार जारी है।
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