सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के शृंगेरी विधानसभा क्षेत्र से जुड़े एक चुनावी विवाद में बड़ा अंतरिम फैसला सुनाया है। अदालत ने वोटों की पुनर्गणना (री-काउंट) के परिणाम पर रोक लगाते हुए कांग्रेस नेता टीडी राजेगौड़ा को शृंगेरी के विधायक के रूप में अस्थायी राहत प्रदान की है।
यह आदेश न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने दिया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि “स्टेटस को-एंटे” यानी पुनर्गणना से पहले की स्थिति को बहाल किया जाए।
पीठ ने यह भी टिप्पणी की कि रिटर्निंग अधिकारी द्वारा पहले से वैध माने जा चुके पोस्टल बैलेट की दोबारा जांच (री-वेरिफिकेशन) करना प्रारंभिक रूप से कानूनी रूप से उचित प्रतीत नहीं होता है।
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इस मामले में चुनावी प्रक्रिया और पुनर्गणना को लेकर गंभीर सवाल उठे थे, जिसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। अदालत ने फिलहाल विस्तृत सुनवाई के बाद ही अंतिम निर्णय देने की बात कही है।
टी.डी. राजेगौड़ा को इस फैसले से बड़ी राहत मिली है, क्योंकि पुनर्गणना के बाद उनके निर्वाचन परिणाम पर प्रश्नचिह्न लग गया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें अस्थायी रूप से शृंगेरी का विधायक माना जाएगा, जब तक आगे का निर्णय नहीं आता।
यह मामला कर्नाटक की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और वैधता से जुड़े अहम मुद्दे शामिल हैं।
अदालत ने स्पष्ट किया कि चुनावी प्रक्रियाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों से विचलन को गंभीरता से देखा जाएगा और कानून के अनुसार ही आगे कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में है और अगली सुनवाई में इस पर विस्तृत विचार होने की संभावना है।
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