बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हो रहे एक अति प्रचंड चक्रवाती तूफान के मद्देनजर आंध्र प्रदेश में प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। राज्य सरकार ने तटीय इलाकों में एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं ताकि तूफान से होने वाले संभावित नुकसान को कम से कम किया जा सके।
इसी बीच पड़ोसी राज्य ओडिशा ने भी अपनी आपदा मितिगेशन मशीनरी को सक्रिय कर दिया है। राज्य प्रशासन ने तूफान की स्थिति पर नजर रखते हुए राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों को तेज कर दिया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
इस बीच क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) ने तमिलनाडु के कई हिस्सों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। केंद्र के अनुसार, राज्य की राजधानी चेन्नई सहित उत्तरी जिलों, डेल्टा जिलों और पश्चिमी जिलों के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
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मौसम विभाग की इस चेतावनी के बाद तमिलनाडु के संबंधित जिलों में भी स्थानीय प्रशासन सतर्क हो गया है। चेन्नई शहर, जो पूर्व में भारी बारिश के कारण जलभराव की समस्या से जूझ चुका है, में विशेष एहतियात बरतने की जरूरत बताई जा रही है। इसके अलावा उत्तरी जिलों, डेल्टा क्षेत्र के जिलों और पश्चिमी जिलों में भी प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
बंगाल की खाड़ी में बनने वाले चक्रवाती तूफान आमतौर पर तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु जैसे राज्यों को प्रभावित करते रहे हैं। इस बार भी अति प्रचंड श्रेणी के तूफान की आशंका को देखते हुए तीनों राज्यों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। आंध्र प्रदेश सरकार तटीय क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आवश्यक संसाधन जुटाने की दिशा में काम कर रही है।
ओडिशा में भी प्रशासनिक अमला राहत शिविरों की व्यवस्था, बिजली-पानी आपूर्ति बहाल रखने तथा आपातकालीन सेवाओं को दुरुस्त रखने में जुटा है। राज्य में पूर्व में आए कई चक्रवातों के अनुभव के आधार पर इस बार भी प्रशासन ने पहले से ही एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
स्थिति को देखते हुए संबंधित राज्यों के नागरिकों से भी अपील की जा रही है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर और कदम उठाए जा सकते हैं।
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