उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संगठनात्मक ढांचे में ‘शक्ति केंद्रों’ की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ये शक्ति केंद्र पार्टी की विचारधारा को जमीनी स्तर तक पहुंचाने और उसे मजबूत करने में “पावरहाउस” की तरह कार्य करते हैं।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान शक्ति केंद्रों की तुलना परमाणु में निहित विशाल और सुप्त ऊर्जा से की। उन्होंने कहा कि जैसे परमाणु में ऊर्जा छिपी होती है, उसी तरह भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में शक्ति केंद्र वह इकाई हैं जो पार्टी को निरंतर ऊर्जा और गति प्रदान करते हैं।
पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भाजपा का संगठन केवल चुनावी मशीन नहीं है, बल्कि यह एक विचारधारा आधारित आंदोलन है, जिसे कार्यकर्ताओं की मेहनत और समर्पण से शक्ति मिलती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शक्ति केंद्र बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय और मजबूत बनाते हैं, जिससे सरकार की नीतियों और योजनाओं को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।
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मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अधिक सक्रिय होकर केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है, और इसमें संगठनात्मक ढांचे की भूमिका बेहद अहम है।
धामी ने यह भी कहा कि भाजपा की सफलता का मूल कारण उसका मजबूत बूथ और शक्ति केंद्र आधारित नेटवर्क है, जो हर स्तर पर जनता से सीधा संवाद स्थापित करता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को और अधिक मजबूत बनाने के लिए समर्पण के साथ काम करने की अपील की।
मुख्यमंत्री के इस बयान को पार्टी की जमीनी रणनीति और संगठन विस्तार के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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