हिमाचल प्रदेश की शिमला जिला पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। पुलिस के अनुसार, इस वर्ष अब तक नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटांसेज (एनडीपीएस) एक्ट के तहत करीब 2,000 मामले दर्ज किए गए हैं और लगभग 440 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
शिमला की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मेहर पंवार ने शुक्रवार को बताया कि जिले में नशे के कारोबार पर प्रभावी तरीके से रोक लगाने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का यह अभियान केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे सक्रिय तस्करी नेटवर्क और आरोपियों की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि नशे के अवैध कारोबार को रोकने के लिए सूचना तंत्र को मजबूत किया जा रहा है।
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शिमला पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि वे अपने आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री या तस्करी से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को दें। पुलिस का मानना है कि आम लोगों के सहयोग से नशे के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
अधिकारियों के मुताबिक, युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को रोकना पुलिस और प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण प्राथमिकता है। इसके लिए कार्रवाई के साथ जागरूकता पर भी जोर दिया जा रहा है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों और गिरफ्तारियों की संख्या से संकेत मिलता है कि शिमला पुलिस ने इस वर्ष नशे के खिलाफ कार्रवाई को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया है।
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