पश्चिम बंगाल विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता के रूप में उनके खिलाफ 102 मामले दर्ज किए गए, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिखाए रास्ते पर चलते रहेंगे।
शुभेंदु अधिकारी ने सदन में कहा, “आपने मुझे 5 बार विधानसभा से बाहर निकाला, 11 महीने तक मुझे सदन से दूर रखा गया। विपक्ष के नेता रहते हुए मुझ पर 102 केस दर्ज हुए और मुझे 108 बार कोर्ट जाना पड़ा। क्या मैं आपकी समझदारी सुनूंगा? मैंने पहले भी कहा था कि दुनिया गोल है, जो जैसा करेगा, जनता उसे सिखाएगी।”
उन्होंने आगे कहा कि सबका साथ, सबका विकास और सबका हिसाब होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें कई धार्मिक आयोजनों और रैलियों में शामिल होने से रोका गया, जिसमें राम नवमी जुलूस भी शामिल है।
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अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि यदि डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जैसे व्यक्तित्वों को सम्मान मिलेगा तो वह सही है, लेकिन उन्होंने कुछ ऐतिहासिक नामों का विरोध करते हुए कहा कि “मुगल और पठान नामों का सम्मान नहीं होना चाहिए।”
वहीं विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने जवाब देते हुए कहा कि शुभेंदु अधिकारी का भाषण “माओ और कम्युनिस्ट शैली” जैसा है और यह पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए उचित नहीं है।
मुख्यमंत्री ने आगे अवैध घुसपैठ और सुरक्षा मुद्दों पर बोलते हुए कहा कि सरकार अवैध बांग्लादेशियों को पकड़कर बीएसएफ को सौंपेगी और राज्य में 600 किलोमीटर क्षेत्र में बाड़ लगाने की योजना है। उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई होगी और “एक भी चोर को नहीं छोड़ा जाएगा।”
उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि विधाननगर में एक व्यक्ति के घर से सोना बरामद हुआ है और संपत्ति जब्ती से संबंधित नया कानून लाया जाएगा।
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