मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए बड़े स्तर पर विकास कार्य शुरू होने जा रहा है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रभादेवी स्थित मंदिर परिसर में प्रस्तावित मंदिर कॉरिडोर परियोजना के पहले चरण का भूमि पूजन किया।
यह परियोजना मंदिर के ढांचे और सुविधाओं में व्यापक बदलाव लाएगी, जहां हर साल लाखों भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
भूमि पूजन के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस कॉरिडोर का उद्देश्य भक्तों के लिए दर्शन को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाना है। उन्होंने कहा कि इससे भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और मंदिर परिसर का वातावरण और बेहतर होगा।
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उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि सिद्धिविनायक मंदिर देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और यह परियोजना भक्तों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। उन्होंने बताया कि पहले चरण का कार्य लगभग दो साल में पूरा होने की उम्मीद है।
परियोजना के पहले चरण में कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्य शामिल हैं, जिनमें भव्य प्रवेश द्वार, मंदिर की दीवारों पर पत्थर की क्लैडिंग, उत्तर दिशा में छत निर्माण, बेहतर फर्श व्यवस्था, आधुनिक लाइटिंग और प्लंबिंग सिस्टम के साथ-साथ लगभग 120 कारों की क्षमता वाला भूमिगत पार्किंग शामिल है।
अधिकारियों का मानना है कि यह बदलाव त्योहारों और विशेष अवसरों पर बढ़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने में मदद करेगा।
इसी दिन मुख्यमंत्री ने चार्नी रोड स्थित जवाहर बालभवन के नवीनीकृत भवन का भी उद्घाटन किया। यहां अब ऑडिटोरियम, आधुनिक पुस्तकालय, नृत्य, नाटक और संगीत के लिए विशेष कक्ष तथा कला प्रदर्शनियों के लिए गैलरी बनाई गई हैं।
शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने कहा कि यह केंद्र छात्रों की रचनात्मकता को बढ़ावा देगा। मुख्यमंत्री ने बीएमसी स्कूलों के छात्रों से इन सुविधाओं का अधिकतम उपयोग करने की अपील की।
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