केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने अमेरिका के ऐशविल में जी20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक से इतर विश्व बैंक समूह के अध्यक्ष अजय बंगा से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत और विश्व बैंक के बीच साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।
सीतारमण ने भारत के साथ लगातार सहयोग के लिए विश्व बैंक समूह की सराहना की। उन्होंने 1.5 अरब डॉलर के विकास नीति वित्तपोषण की प्रक्रिया तेजी से पूरी किए जाने को भी महत्वपूर्ण बताया। वित्त मंत्री ने भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक के माध्यम से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम के समर्थन की भी सराहना की।
बैठक में भारत में बहुपक्षीय निवेश गारंटी एजेंसी की बड़ी भूमिका तलाशने पर विशेष चर्चा हुई। इसका उद्देश्य गारंटी के व्यवस्थित इस्तेमाल के जरिए कॉरपोरेट, बुनियादी ढांचे और नगरपालिका बॉन्ड बाजारों को मजबूत करना तथा निजी पूंजी की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करना है।
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दोनों नेताओं ने बुनियादी ढांचा क्षेत्र में ऋण सुदृढ़ीकरण के लिए क्षेत्र आधारित और कार्यक्रमगत दृष्टिकोण पर भी विचार किया। अजय बंगा ने भारत के बुनियादी ढांचा क्षेत्र में हुए महत्वपूर्ण बदलावों की सराहना करते हुए विश्व बैंक समूह के विभिन्न वित्तीय साधनों के अधिक इस्तेमाल की संभावनाएं रेखांकित कीं।
सीतारमण ने भारत में वैश्विक डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना ज्ञान केंद्र स्थापित करने की दिशा में विश्व बैंक समूह के साथ सहयोग का भी उल्लेख किया। कृषि समेत विभिन्न क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल पर चर्चा हुई।
इसके अलावा, नए भारत-विश्व बैंक समूह देश साझेदारी ढांचे के तहत वैश्विक स्तर के पर्यटन स्थलों के विकास पर भी विचार-विमर्श हुआ। दोनों नेताओं ने भारत-विश्व बैंक संबंधों को पारंपरिक ऋणदाता-ऋणग्राही मॉडल से आगे बढ़ाकर वैश्विक ज्ञान, नवाचार और निजी पूंजी जुटाने के रणनीतिक मंच में बदलने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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