कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की आगामी संस्मरण पुस्तक बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव के भारत में प्रकाशन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, पुस्तक की पांडुलिपि पर चर्चा के दौरान तीन प्रमुख विषयों को लेकर प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के साथ मतभेद सामने आए। इनमें भारत-चीन सीमा विवाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व और केंद्र सरकार की नीतियां तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की भूमिका शामिल है।
अमेरिकी प्रकाशक अल्फ्रेड ए. नॉफ ने घोषणा की है कि यह किताब 10 नवंबर को जारी होगी। हालांकि, भारत में इसके प्रकाशन को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने कहा है कि वह किताब प्रकाशित करने को इच्छुक था, लेकिन प्रकाशन प्रक्रिया के तहत तथ्यों की जांच करना उसकी जिम्मेदारी है।
सूत्रों के अनुसार, किताब में चीन द्वारा भारतीय क्षेत्र में कथित घुसपैठ और मौजूदा सीमा स्थिति का विस्तार से उल्लेख किया गया है। सोनिया गांधी और कांग्रेस लंबे समय से इस मुद्दे को संसद और सार्वजनिक मंचों पर उठाते रहे हैं।
और पढ़ें: सोनिया गांधी की आत्मकथा नवंबर में होगी प्रकाशित, निजी जीवन और राजनीति के सफर का खुलेगा राज
पुस्तक में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, उनकी कार्यशैली और केंद्र सरकार की कुछ प्रमुख नीतियों पर सोनिया गांधी के विचार भी शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा, आरएसएस के भारत के सामाजिक ताने-बाने और राष्ट्रीय मामलों पर प्रभाव को लेकर भी उनके विचार पुस्तक का हिस्सा हैं।
कांग्रेस सूत्रों का दावा है कि प्रकाशक ने कुछ अंशों को संपादित या हटाने का सुझाव दिया था, लेकिन सोनिया गांधी इसके लिए तैयार नहीं हुईं। उनका मानना था कि पुस्तक में दर्ज विचार उनके व्यक्तिगत अनुभव और दृष्टिकोण पर आधारित हैं।
कांग्रेस ने पूरे घटनाक्रम को “भाजपा द्वारा प्रायोजित कदम” बताया है। दूसरी ओर, पेंगुइन ने कहा कि लेखक के साथ हुई बातचीत गोपनीय थी और वह इस पर आगे टिप्पणी नहीं करेगा।
सोनिया गांधी ने पुस्तक को अपने जीवन, परिवार और भारत में छह दशकों के सामाजिक-राजनीतिक बदलावों की कहानी बताया है। किताब में इंदिरा गांधी की 1984 में हत्या, राजीव गांधी की 1991 में हत्या, सोनिया गांधी के राजनीति में प्रवेश, लंबे समय तक कांग्रेस अध्यक्ष रहने और 2004 में प्रधानमंत्री पद स्वीकार न करने के फैसले का भी उल्लेख है। भारत में इस पुस्तक के अधिकारों के लिए हार्पर कॉलिन्स समेत कई प्रकाशकों के सामने आने की खबर है।
और पढ़ें: बड़ी विफलताओं से ध्यान भटकाने की कोशिश: जयराम रमेश ने सोनिया गांधी से माफी मांगने पर साधा निशाना