देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेन्द्र डोभाल ने कहा कि सेलाकुई औद्योगिक क्षेत्र में मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहे श्रमिक प्रदर्शन के दौरान कुछ “असामाजिक तत्वों” ने शांति और कानून व्यवस्था भंग करने का प्रयास किया।
एसएसपी डोभाल ने बताया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था और अधिकांश श्रमिक अपने वैध अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे थे। लेकिन कुछ बाहरी असामाजिक तत्वों ने इसका लाभ उठाते हुए पत्थरबाजी की और तनाव पैदा करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, “हमने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रण में किया और किसी बड़ी अप्रिय घटना को रोकने में सफलता पाई। हमारा मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों और व्यापारिक इकाइयों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।”
एसएसपी ने यह भी कहा कि पुलिस ने उन असामाजिक तत्वों की पहचान करना शुरू कर दिया है, जो प्रदर्शन में उपद्रव कर रहे थे। इसके साथ ही, सभी औद्योगिक इकाइयों और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया गया है।
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प्रमेन्द्र डोभाल ने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और पुलिस के निर्देशों का पालन करें। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रशासन इस मामले में पूरी गंभीरता से काम कर रहा है और जल्द ही दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्रों में इस प्रकार की हिंसा रोकने के लिए पुलिस की त्वरित और सक्रिय भूमिका आवश्यक है, जिससे श्रमिक आंदोलन और कानून व्यवस्था दोनों संतुलित रह सकें।
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